इजरायल की सेना ने बुधवार को लेबनान पर भीषण हमला किया। 1982 के बाद हिजबुल्लाह पर किया गया अब तक का सबसे भीषण हमला है। इजरायली हमलों में 254 लोगों की जान गई और 1100 से अधिक लोग घायल हैं। इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे एवं निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी को मार दिया है।
इजरायली सेना का कहना है कि अली यूसुफ हर्षी कासिम की सुरक्षा और दफ्तर के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता था। 2024 में लेबनान में ही एक एयर स्ट्राइक में इजरायल ने तत्कालीन हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को मार डाला था। नसरल्लाह ने करीब तीन दशक तक हिजबुल्लाह का नेतृत्व किया। उसकी मौत के बाद कासिम को नया चीफ बनाया गया था।
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साल 1982 में हिजबुल्लाह का गठन हुआ। तब से यह संगठन इजरायल के खिलाफ अलग-अलग समय में कई जंग लड़ चुका है। 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास ने भीषण आतंकी हमला किया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी पर हमास के खिलाफ इतिहास का सबसे भीषण ऑपरेशन चलाया। हमास के साथ अपनी एकजुटता और समर्थन दिखाने के उद्देश्य से हिजबुल्लाह भी जंग में कूद गया था। हालांकि अमेरिका की कोशिशों के बावजूद 2024 में इजरायल और हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्धविराम हुआ।
ताजा मामला क्या है: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया। एयर स्ट्राइक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला। उनकी मौत के प्रतिशोध में 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने जंग में शामिल होने का ऐलान किया। 40 दिनो की जंग में हिजबुल्लाह ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइल और रॉकेट से हमला किया।
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इजरायली हमला कितना भीषण: अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को युद्धविराम पर सहमति बनी। कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने हिजबुल्लाह पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया। इजरायली सेना ने राजधानी बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी को निशाना बनाया। इजरायली सेना के मुताबिक पूरे लेबनान में 50 लड़ाकू विमानों ने महज 10 मिनट में 100 ठिकानों पर 160 बमों की बारिश की।
